Noida coaching centers: गौतमबुद्ध नगर में कितने कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी वैध हैं और कितने बिना नियमों के चल रहे हैं, इसका साफ रिकॉर्ड किसी भी विभाग के पास नहीं है। सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने करीब 60 और अग्निशमन विभाग ने 106 कोचिंग सेंटर की जानकारी भेजी है। वहीं स्थानीय स्तर पर स्थिति इससे कहीं बड़ी बताई जा रही है। नयाबांस, सेक्टर 62, मामूरा, सेक्टर 15, सेक्टर 18 और नवादा गांव जैसे इलाकों की कई गलियों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और पीजी संचालित हो रहे हैं। हादसे के बाद भी नहीं बढ़ी सतर्कता लखनऊ के अलीगंज में आग लगने की घटना में 15 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। इसके बावजूद गौतमबुद्ध नगर में व्यवस्था पूरी तरह सख्त नजर नहीं आ रही है। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी सरकारी विभागों की है ताकि ऐसे हादसों की संभावना कम की जा सके। तीन दिन से चल रही जांच शिक्षा विभाग, प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम पिछले तीन दिनों से जांच अभियान चला रही है। कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसकी रफ्तार अभी सीमित दिखाई दे रही है। बिना जरूरी मानकों के चल रहे कई कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और पीजी अब भी सिस्टम की नजर से बाहर बताए जा रहे हैं। जांच पर भी उठ रहे सवाल अधिकारियों को रोजाना कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी जा रही है, लेकिन जांच फिलहाल मुख्य रूप से पंजीकरण और एनओसी तक सीमित बताई जा रही है। कई संचालकों ने जांच शुरू होते ही अपने संस्थान बंद कर दिए हैं। आशंका है कि अभियान खत्म होने के बाद वे फिर पहले की तरह संचालन शुरू कर सकते हैं। अधिकारियों से सख्त निगरानी की उम्मीद प्रदेश सरकार ने लखनऊ की घटना के बाद पूरे प्रदेश में सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर जाकर स्थिति का जायजा नहीं ले रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। प्राधिकरण भी होगा शामिल डीआईओएस चंद्रशेखर ने बताया कि जांच के दौरान कई इमारतों के मालिकों की जानकारी तुरंत नहीं मिल पा रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम को भी अभियान में जोड़ा जाएगा। इससे भवनों का रिकॉर्ड तुरंत मिल सकेगा और जरूरत पड़ने पर कोचिंग सेंटर के साथ भवन भी सीज किए जाएंगे। एक महीने में तैयार होगा पूरा रिकॉर्ड शिक्षा विभाग के पास पुराने पंजीकरण का रिकॉर्ड मौजूद है, लेकिन मौजूदा स्थिति उससे काफी अलग बताई जा रही है। डीआईओएस का कहना है कि अगले एक महीने में जिले के सभी कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और पीजी का पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों के प्रधानाचार्यों और अन्य कर्मचारियों की भी मदद ली जाएगी। ये भी पढ़े : जिम्स बवाल में बाहरी साजिश की आशंका, 7 गिरफ्तार; जांच में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट मिले